दिल्ली के इस मंदिर में तुलसीदास जी ने की थी हनुमान चालीसा की रचना

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रहती है। हनुमान जयंती को भी यहां भारी भीड़ जुटती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह महाभारत काल का मंदिर है और हस्तिनापुर से अलग इंद्रप्रस्थ बसाने के क्रम में ही पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था।


लोगों की मान्यता है कि रामचरितमानस की रचना करने वाले महान संत तुलसीदास जी ने भी इस मंदिर में भगवान हनुमान जी के दर्शन किए थे। यह भी मान्यता है कि उन्होंने हनुमान चालीसा की रचना इस मंदिर परिसर में की थी।


इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां हर तरह की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। यहां लोग लाल चुनरी और लड्डू का प्रसाद चढ़ाते हैं। यहां मनोकामना पूर्ण होने पर भंडारा कराते हैं।
यहां श्रीराम, जय राम, जय जय राम का चौबीसों घंटे मंत्र जाप चलता रहता है। लोग यहां आकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का भी पाठ करते रहते हैं।
मंदिर के ठीक बाहर मिठाई और फूलों की कई दुकानें हैं। यहां चूड़ी और सौंदर्य प्रसाधन के सामान की भी कई दुकानें हैं। महिलाएं यहां मंदिर में दर्शन के बाद चूड़ियां भी खरीदती है।

इस मंदिर परिसर में शिव पार्वती मंदिर सहित कई अन्य मंदिर भी हैं। इस प्राचीन हनुमान मंदिर के ठीक सामने स्टेट एम्पोरियम है। जहां से आप सभी राज्यों की सरकारी दुकानों में खरीदारी कर सकते हैं। यहां साड़ियां बहुत सुंदर और हाई क्वालिटी की मिलती हैं।

कैसे पहुंचे-
नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास होने के कारण यहां पहुंचना काफी आसान है। कनॉट प्लेस के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर प्रवेश करते ही यह मंदिर है। इंडियन कॉफी हाउस के ठीक पास। पास में ही खादी भंडार भी है। दिल्ली मेट्रो के गेट नंबर सात से बाहर निकल कर आप पैदल ही यहां पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास ही शिवाजी स्टेडियम बस अड्डा है।

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