सावी लेदर्स के विजय झा करने जा रहे हैं बिहार के पंडौल में 200 करोड़ रुपये का निवेश

इंटरनेशनल फैशन और गारमेंट की दुनिया में अग्रणी कंपनी सावी लेदर्स के विजय झा बिहार में मधुबनी जिला के पंडौल में 200 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहे हैं। कंपनी यहां गारमेंट फैक्ट्री खोलेगी। मिथिला के इस पिछले इलाके के लिए यह एक बहुत बड़ी खबर है। राजनीतिक उपेक्षा के कारण पिछले तीन दशक से इलाके के सभी उद्योग-धंधे बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में किसी नए कारोबार के शुरू होने से इलाके के लोगों में खुशी की लहर है।



मधुबनी ही नहीं आस-पास के जिले के लोगों का भी कहना है कि इससे दूसरे लोगों को भी बिहार के इस पिछड़े इलाके में नए उद्योग-धंधा लगाने की प्रेरणा मिलेगी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के तेजतर्रार युवा नेता अनूप मैथिल ने निवेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे मिथिला में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और इलाके से लोगों का पलायन रुकेगा।


सावी लेदर्स के सीईओ विजय झा मधुबनी जिला के ही जेठियाही गांव के मूल निवासी हैं। विजय झा फिलहाल नोएडा में रहते हैं। उनकी सावी लेदर्स कंपनी का परिधान और फैशन की दुनिया में एक बड़ा नाम है। नोएडा के सेक्टर 57 और 58 में उनकी चार फैक्ट्रियां हैं। तमिलनाडु में उनकी एक बड़ी टेनरी भी है। उनके सभी कारखाने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक से लैस हैं। विजय झा खुद इनोवेशन और डिजाइन पर खास ध्यान देते हैं। यही कारण है कि सावी लेदर्स ने काफी कम समय में दुनिया भर में अपना एक प्रमुख स्थान बना लिया है। उनके कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख से अधिक गारमेंट और लगभग 10 लाख लेदर प्रोडक्ट की है।


विजय झा का पारिवारिक माहौल इस तरह का था कि उन्होंने भी इसी में अपना हाथ आजमाना सही समझा। परिवार का काम पहले से ही लेदर इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ था। ऐसे में किसी ना किसी बहाने वे भी इसे करीब से देखते ही रहते थे। काम के प्रति रुझान बढ़ने पर उन्होंने सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएलआरआई) से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। शुरू में कुछ दिनों तक एक्सपोर्ट हाउस में काम करने के बाद 2008 के अंत में उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया। शुरु से ही उन्होंने अपना पूरा फोकस इंटरनेशनल लेदर मार्केट में पैठ के साथ फैशन की दुनिया में अलग पहचान बनाने पर केंद्रित कर दिया। विजय झा इसमें काफी सफल भी रहे हैं।


आज सावी लेदर्स के गारमेंट और लेदर प्रोडक्ट दुनिया भर में निर्यात किए जाते हैं। विजय झा खुद डिजाइनिंग में माहिर हैं। इससे उनकी टीम का उत्साह बना रहता है। जब बॉस खुद अच्छे डिजाइन और सुझाव के साथ आगे आएं, तो यह टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला होता है। सावी लेदर्स में पर्यावरण पर भी खास ध्यान दिया जाता है। टैनिंग के समय पानी की बर्बादी को कम करने के लिए विशेष ध्यान रखा जाता है। इससे लिए अपनाए जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है। यही वजह है कि इंडस्ट्री में कंपनी की अपनी एक अच्छी प्रतिष्ठा है।


सावी लेदर्स को काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स की ओर से निर्यात के लिए लगातार तीन बार नेशनल एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड मिल चुका है। ऐसा विजय झा के खुद दिन-रात काम में जुटे रहने के कारण भी है। मिलनसार स्वभाव के विजय झा अपने एक-एक स्टाफ का व्यक्तिगत रूप से ख्याल रखते हैं। एक परिवार की तरह सभी के साथ दुख-सुख बांटते हैं। हर पर्व-त्योहार और उत्सव के समय कार्यक्रम और पार्टियों का आयोजन कर सभी को खुश रखने की पूरी कोशिश करते हैं, जो शायद ही कहीं और देखने को मिलता है।


विजय झा सीएसआर और धर्मार्थ कार्यों में भी बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। राष्ट्रीय आपदा के समय वे दान के लिए अपना दिल खोल देते हैं। कोरोना महामारी और बिहार बाढ़ के दौरान भी उन्होंने प्रभावित लोगों की काफी मदद की है। कंपनी आपदा के समय प्रभावित लोगों को मदद और राहत का सामान भेजती रहती है।


कारोबारी व्यस्तता और भागदौड़ के बीच खुद को टेंशन फ्री रखने के लिए विजय झा गार्डेनिंग, योग और गोल्फ का सहारा लेते हैं। खाने-पीने में उन्हें स्थानीय मछली के साथ इटालियन सी-फूड काफी पसंद है। विदेश यात्रा के दौरान वे वहां के समुद्री भोजन का स्वाद लेना नहीं भूलते।

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